हरदोई में जीजा-साली ने सुसाइड कर लिया। दोनों हाथ पकड़कर ट्रेन के आगे खड़े हो गए। ऊपर से ट्रेन गुजर गई। हादसा इतना भयावह था कि शरीर के टुकड़े-टुकड़े हो गए। अंग ट्रैक में फंस गए और मांस के लोथड़े आसपास बिखर गए। हादसे के कारण हावड़ा-काठगोदाम बाघ एक्सप्रेस को 45 मिनट तक रोकना पड़ा। पुलिस शवों को पॉलिथीन में भरकर ले गई। लापता लोगों की सूची से मिलान किया गया। 15 घंटे बाद परिजनों ने शरीर पर तिल, चोटों के निशान और कपड़ों से दोनों की पहचान की। पुलिस जांच में पता चला है कि रितेश सिंह (28) का छोटे भाई की साली मुस्कान से 2 साल से प्रेम-प्रसंग चल रहा था। परिजनों को इसकी भनक लग गई थी। उन्होंने इसका विरोध किया और मुस्कान के लिए लड़का तलाशने लगे।
इसके चलते दोनों ने जान दे दी। घटना जिला मुख्यालय से महज 2 किलोमीटर दूर देहात कोतवाली क्षेत्र की है। रितेश सिंह बघौली थाना क्षेत्र के गड़ेउरा का रहने वाला था। हरियाणा के बहादुरगढ़ में रैक्सीन सोल बनाने वाली फैक्ट्री में काम करता था। अभी उसकी शादी नहीं हुई थी। वहीं, मुस्कान बीए कर चुकी थी और नौकरी तलाश रही थी। रितेश के छोटे भाई की शादी 3 जुलाई 2024 को मुस्कान की बड़ी बहन शिवी सिंह से हुई थी। शादी के बाद रितेश मुस्कान के घर अक्सर जाता था। इसी दौरान उसका मुस्कान से अफेयर हो गया। घरवालों को पता चला तो उन्होंने विरोध किया। रितेश की पत्नी से भी झगड़ा हुआ। घरवालों ने रितेश के ससुराल आने पर रोक लगा दी, लेकिन दोनों की फोन पर बातचीत जारी रही। घरवालों ने मुस्कान के लिए रिश्ता तलाशना शुरू कर दिया था, जिससे रितेश खफा था। परिजनों ने बताया कि शवों की हालत इतनी खराब थी कि पहचान करना मुश्किल हो गया।