सरसो के बाजार का आगे क्या रह सकता है रुझान – सरसों तेजी मंदी रिपोर्ट

सरसो के बाजार का आगे क्या रह सकता है रुझान

किसान और व्यापारी भाइयो, इस हफ्ते सरसों के बाज़ार में मिश्रित रुझान देखने को मिला है। एक तरफ जयपुर मंडी में इस हफ्ते सरसों का भाव ₹50 बढ़कर ₹7325 पर पहुँच गया है और दूसरी तरफ भरतपुर मंडी में सरसों का भाव ₹110 गिरकर ₹6815 पर बंद हुआ है। बाज़ार पिछले दो-तीन हफ्तों से ₹100 से ₹150 की तेज़ी-मंदी के सीमित दायरे में ही घूम रहा है। बाज़ार में इस समय सरसों की चाल धीमी है और जयपुर में क़ीमतें ₹7375 के स्तर पर रुकावट का सामना कर रही हैं, यानी इससे ऊपर नहीं जा पा रही हैं।

इस सुस्ती के बावजूद, सरसों के बाज़ार में बड़ी गिरावट के आसार भी नहीं हैं क्योंकि पूरे देश में स्टॉक काफ़ी कम हो गया है। सरकारी एजेंसियों (नेफेड/एनसीसीएफ) के पास सिर्फ़ 5.5 लाख टन सरसों का स्टॉक बचा है, जो पिछले साल के मुक़ाबले 62% कम है, और दिसंबर की शुरुआत में कुल उपलब्ध स्टॉक भी पिछले साल की तुलना में 17.86% कम (23 लाख टन) है। हालाँकि, कुछ रिपोर्टों में कहा गया है कि किसानों के पास अब भी 13.5 लाख टन सरसों उपलब्ध है, लेकिन बाज़ार के जानकार इस आंकड़े से सहमत नहीं हैं और मानते हैं कि इतना स्टॉक बचा नहीं है। अभी बाज़ार में सरसों का तेल जहाँ ऊपरी स्तरों से फिसला है, वहीं खल की क़ीमतों में मज़बूती आई है, जिसका मुख्य कारण खल की कम उपलब्धता है। जानकारों का मानना है कि खल की क़ीमतों में यहाँ से ₹100-₹200 प्रति क्विंटल की और तेज़ी आ सकती है। दूसरी ओर, सरसों तेल की क़ीमतों में उठा-पटक और सुस्त मांग का माहौल है, जहाँ घटने की संभावना केवल ₹2 प्रति किलो है, जबकि बढ़ने की संभावना ₹4-₹5 प्रति किलो तक है। इस साल देश में सरसों की बुआई तेज़ी से हुई है और अब तक 77.06 लाख हेक्टेयर में बुआई पूरी हो चुकी है, जो पिछले साल की इसी अवधि से 5.67% ज़्यादा है। किसानों के अनुसार बुआई का रकबा पिछले साल के बराबर ही है, और फ़िलहाल मौसम अनुकूल बना हुआ है, हालाँकि जनवरी का मौसम ही फ़सल के लिए सबसे महत्वपूर्ण रहेगा। अभी उत्पादन का सही अनुमान लगाना जल्दबाजी होगी, लेकिन कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि इस साल 115 से 118 लाख टन तक सरसों का उत्पादन हो सकता है। सभी बातों पर विचार करें तो निकट भविष्य में सरसों की क़ीमतों में ₹100-₹150 से अधिक की तेज़ी आने की गुंजाइश नहीं दिखती, लेकिन स्टॉक की कमी के कारण बड़ी गिरावट भी नहीं दिख रही, इसलिए सरसों की क़ीमतें ₹100 से ₹200 उतार-चढ़ाव के साथ एक सीमित दायरे में बनी रहने की संभावना है। बाकि व्यापार अपने विवेक से करे और

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